यूं तो रॉबर्ट वाड्रा के सिर पर कई भ्रष्टाचार के मामले दर्ज हैं और इन मामलों की जांच यूपीए के दौर में ही शुरू हो गई थी।
यूं तो रॉबर्ट वाड्रा के सिर पर कई भ्रष्टाचार के मामले दर्ज हैं और इन मामलों की जांच यूपीए के दौर में ही शुरू हो गई थी। जिसको साल 2014 में मुद्दा बना कर एनडीए 2014 का चुनाव जीत गई थी। लेकिन 2019 पास आते- आते बीजेपी ने कांग्रेस को रॉबर्ट वाड्रा के आरोपों में इस कदर उलझा दिया कि पहले वाड्रा पर ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) के छापे तेज हो गए। जिससे कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ती गई।
मनी लॉन्डरिंग मामला
बता दें कि 2019 के चुनाव से पहले कांग्रेस ने हाल ही में कांग्रेस ने प्रियंका गांधी को पार्टी का महासचिव नियुक्त किया था और इस बात को भी वाड्रा के साथ ही जोड़ा गया कि प्रियंका गांधी को कांग्रेस ने इसलिए महासचिव बनाया ताकि इससे रॉबर्ट वाड्रा को फायदा मिल सके। दूसरी ओर रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ जांच तेज हो गई थी। मनी लॉन्डरिंग मामले में रॉबर्ट वाड्रा से 5 घंटे तक पूछताछ की गई। बताया जा रहा है कि उनसे ईडी ने करीब 40 सवाल पूछे थे। यहां एक बात बेहद अहम ये है कि खुद प्रियंका गांधी ही उन्हें ईडी के दफ्तर तक छोड़ने गई थीं और मीडिया से कहा कि वह रॉबर्ट वाड्रा के साथ हैं।Read more:

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