किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में हो रहे संघाई सहयोग संघठन (SCO SUMMIT) की बैठक के दौरान आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर बातचीत हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने चीनी भाषण में ट्वीट करते हुए लिखा कि,” राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बहुत ही सार्थक वार्ता हुयी और भारत-चीन संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा भी हुयी। हम भारत और चीन के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत बनाएंगे।”
इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शी जिनपिंग से साफ शब्दों में कहा कि फिलहाल पाकिस्तान से बातचीत का अभी माहौल नहीं है। इसके बीछे जो वजह बताई जा रही है कि पाकिस्तान के सामने जो पहले से मुद्दे उठाए गए थे उन पर कोई चर्चा नहीं हुई है। इनमें सबसे बड़ा मुद्दा आतंकवाद का है।

मसूद अजहर जैसे आतंकवादी पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगने के बावजूद अभी तक वे पाकिस्तान में खुलेआम घूम रहा है। ऐसे में पाकिस्तान से द्वपक्षीय वार्ता करना गैर मुनासिब होगा। पाकिस्तान के एयर स्पेस के इस्तेमाल नहीं करने का फैसला करके कल ही भारत ने एक कड़ा संदेश दिया था।
पीएम ने विशेष रूप से राष्ट्रपति जिनपिंग को अवगत कराया कि दोनों पक्षों को अपने रिश्ते और मजबूत बनाने की जरुरत है जिसपर जिनपिंग ने भी सहमति व्यक्त की। अगले अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के लिए पीएम ने भारत आने का न्योता भी दिया जिसके बाद जिनपिंग ने भी सकारात्मक रूप से आमंत्रण को स्वीकार किया है।
पीएम ने उल्लेख किया कि दो पक्षों के बीच सुधार हुआ है, हम भारत में बैंक ऑफ चाइना की शाखा खोलने और मसूद अजहर से संबंधित मुद्दे जैसे लंबे समय से लंबित मुद्दों को हल करने में सक्षम हैं।
आपको बता दें कि नरेंद्र मोदी संघाई सहयोग संगठन (SCO SUMMIT) की बैठक में किर्गीस्तान के बिश्केक पहुंचे हैं। उनकी ये यात्रा कई मायनों में अहम है। इस बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा की जाएगी जिसमें आतंकवाद और ऊर्जा से जुड़े बातों पर विशेष ध्यान होगा। संघाई सहयोग संघटन में कुल 8 सदस्य देश हैं जिसमें चीन, रुस, उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान, तजाकिस्तान,भारत,किर्गीस्तान और पाकिस्तान शामिल हैं।

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