बिहार में चमकी बुखार से मरने वाले बच्चों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है. चमकी बुखार को मेडिकल भाषा में Acute Encephalitis Syndrome कहा जाता है| आपको बता दें कि इस बीमारी से पिछले 20 से 22 दिनों में 57 बच्चों की मौत हो चुकी है, ये जामकीरू खुद बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने दी है|आपको बता दें कि 46 बच्चों की मौत मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज में हुई, जबकि 8 बच्चे केजरीवाल हॉस्पिटल में मरे हैं, तो वहीं 3 बच्चों की मौत दूसरे अस्पतालों में हुई है| तो वहीं बच्चों की मौतों पर घिरती नीतीश सरकार अब एक्शन में आ गई है| जिसके चलते स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय मुजफ्फरपुर मेडिकल कॉलेज पहुंचे और इंसेफेलाइटिस वार्ड का निरीक्षण किया|
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि डॉक्टरों को सारे निर्देश दिए गए हैं और बच्चे की विशेष निगरानी की जा रही है… बता दें कि मुजफ्फरपुर के श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल में इस बीमारी से पीड़ित बच्चों का मुख्य रूप से इलाज चल रहा है, बता दें कि चमकी बुखार के लक्षणों में लगातार तेज बुखार चढ़े रहना, बदन में ऐंठन, दांत चढ़े रहना, सुस्ती और कमजोरी शामिल है|
बुखार से मरने वाले बच्चों में से अधिकांश की आयु 1 से 7 वर्ष के बीच है| गौरतलब है कि इस बीमारी के लक्षणों और कारणों का देश के विशेषज्ञ अध्ययन कर चुके हैं| दिल्ली के नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के विशेषज्ञों की टीम और पुणे के नेशनल इंस्टीच्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) की टीम भी इस बीमारी पर रिसर्च कर रही है|

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