इन जेलों में पैसे देकर जाने को तैयार लोग

जेल का नाम सुनते ही लोगों का चेहरा पीला पड़ जाता है। लोग जेल के नाम से पूरी तरह डर जाते हैं।

जेल का नाम सुनते ही लोगों का चेहरा पीला पड़ जाता है। लोग जेल के नाम से पूरी तरह डर जाते हैं। क्योंकि ऐसी जगह कोई नहीं जाना चाहता जहां पर मोटे लोहे के दरवाजे हो अंधेरी काल कोठरी हो और साथ ही किसी गुनाह का बोझ हो। लेकिन आज हम आपको ऐसी जेलो के बारे में बताने जा रहे हैं जहां लोग अपने शौक के लिए जेल जाना चाहते हैं। इतना ही नहीं यहां जाने के लिए पैसे भी देने को तैयार हैं।noida news  noida news 
बता दें कि ये जेल तेलांगाना जिले के मेढक की 125 साल पुरानी जेल है। इस जेल में लंबे-लंबे गलियारे डरावनी काल कोठरियां और पुलिस का कड़ा पहरा है। लेकिन इसके बावाजूद भी ये जेल लोगों के लिए पिकनिक मनाने का पर्यटन का केंद्र है। लेकिन इस जेल में जाने के बाद जेल जैसा अनुभव जरूर होता है। noida news  noida news 
इस जेल में लोग आते तो अपनी मर्जी से हैं लेकिन यहां से वापस जाना जेल प्रशासन की मर्जी से होता है। क्योंकि जेल में पुलिस उनसे हर वो काम कराती है जो एक कैदी को करना पड़ता है। बता दें कि इस जेल को 1796 में निजाम शासनकाल में बनवाया गया था। कभी इस जेल की गिनती दुनिया के सबसे खौफनाक जेलों में की जाती थी। लेकिन आज ये जेल विश्व की पहली ऐसी जेल है जहां लोग टिकट लेकर आते हैं। इस जेल का टिकट पूरे 500 रूपये का मिलता है।noida news  noida news 
वैसे तो इस जेल में आने के लिए टिकट लेना पड़ता है लेकिन यहां काम सारे कैदियों जैसे करने होते हैं। इस जेल में अपने साथ लाया हुआ सारा सामान जमा करना होता है। साथ ही जेल के कपड़े पहनने पड़ते हैं। इतना ही नहीं वहां के कम्पाउंट में सफाई, बर्तन और झाडू लगाने जैसे काम भी करने होते हैं। दरअसल ये जेल नहीं ब्लकि गांव के रूप में बसी हुई बस्तियां हैं। यहां अराधी अपराध करके अपने जीवन को सामन्य तरीके से जीते हैं। बिजनेस करते हैं। यहां तक कि परिवार के साथ रहते हैं। लेकिन इन जेलों के कैदी हमेशा पुलिस की निगरानी में रहते हैं। 
telangana medak jail
बता दें कि ऐसा कोई एक जेल नहीं है बल्कि ऐसे कई जेल हैं। जहां न तो ऊंची-ऊंची दिवारे हैं न ही लोहे के मजबूत दरवाजे। बल्कि बड़े-बड़े आंगन हैं और साथ में रहे परिवार। दरअसल ये लोग आजाद रह कर भी कैदी हैं। इन लोगों की सुबह शाम गिनती होती है। काम पर जाने से पहले और काम से लौटने के बाद ताकि ये पता लगाया जा सके कि सभी कैदी वापस आ गए हैं। इन जेलों को ओपन जेल कहा जाता है। noida news 
वहीं एक जेल तो ऐसी है जहां सिलाई, कढ़ाई, बुनाई और पशुपालन जेसी सुविधाएं भी है। ये जेल हजारी बाग की है। इस जेल में भी उनके लिए घर जैसे कमरे बनाए हुए हैं। जिसमें वो अपनी पत्नी और एक नाबालिग बच्चे के साथ रह सकते हैं। 

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